हमने ऐसे ही कुछ टिकटॉक स्टार्स से बातचीत की है. अगर आप ये सोच रहे हैं कि टिकटॉक बैन होने के बाद वो घर पर बैठ गए हैं, तो आपको ये रिपोर्ट जरूर देखनी चाहिए.
जाहिर सी बात है जिन लोगों ने टिकटॉक के जरिए अपनी पहचान बनाई, स्टारडम हासिल किया, उन्हें टिकटॉक बैन होने पर दुख तो हुआ है. लेकिन उनका मानना है कि एक ऐप के बैन हो जाने से उनका टैलेंट खत्म नहीं हो जाएगा. एक चीनी ऐप बंद होगा तो ऐसे कई ऐप आएंगे जिनपर वो अपना टैलेंट दिखा पाएंगे. वैसे भी कोई ऐप देश से बढ़कर थोड़े ही हो सकता है.
टिकटॉक के विकल्प के तौर पर भारतीय ऐप चिंगारी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस ऐप को अबतक 30 लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया है. ये ऐप यूजर्स को वीडियो डाउनलोड और अपलोड करने, दोस्तों के साथ चैट करने, नए लोगों के साथ बातचीत करने और कंटेंट शेयर करने की सुविधा देता है. ये ऐप हिंदी, अंग्रेजी के अलावा गुजराती, मराठी, कन्नड समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. चिंगारी ऐप, वीडियो वायरल होने के आधार पर यूजर्स को भुगतान भी करता है.
कुल मिलाकर ये वो प्रतिभावान लोग हैं जिनकी कला को चीन के ऐप्स की जरूरत नहीं है. मेड इन चाइना मंच की जगह इन्हें मेड इन इंडिया प्लेटफॉर्म की जरूरत है. अब से पहले इस थिएटर का मालिक चीन था. लेकिन अब कलाकार भी भारत के होंगे और थिएटर भी भारत का होगा. टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स को जवाब देने के लिए जल्द ही एक मेड इन इंडिया प्लेटफॉर्म आने वाला है. जिसके बारे में हम आपको जल्द ही बताएंगे. ये पूरे भारत के लिए एक बहुत बड़ा सरप्राइज है. ये स्वदेशी प्लेटफॉर्म जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए एक सुनहरा अवसर होगा.
भारत के फैसले पर चीन चाहे जो मर्जी कहे, लेकिन चीन को ये समझ लेना चाहिए कि सरकार के इस फैसले के समर्थन में पूरा भारत, चीन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है. क्योंकि चाहे देश की सीमा पर चीन के सैनिक हों या चाइनीज एप्स. अब भारत, चीन की घुसपैठ को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है. देश की जनता क्या कह रही है, जनता की आवाज क्या है, हमारी इस रिपोर्ट में आप समझ जाएंगे.
जिस तरह पाकिस्तान अपने आतंकवादियों की घुसपैठ भारत में करवाता है. उसी
तरह चीन, मोबाइल फोन ऐप्स के जरिये भारत में लोगों की प्राइवेसी में घुसपैठ
करता है. इसीलिए चीन पर डिजिटल एयर स्ट्राइक का देश उसी तरह समर्थन कर रहा
है जिस तरह पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक का स्वागत
किया था.
भारत ने चाइनीज ऐप्स का हुक्का-पानी बंद किया तो चीन का गला सूखने लगा. लेकिन चीन को अब समझ में आ गया होगा कि भारत, सीमा पर उसकी सेना और बाजारों से उसके सामान, दोनों को खदेड़ना जानता है.
भारत ने चीनी एप्स को बैन करके बता दिया है कि देश के सम्मान से बढ़कर चीन का कोई सामान नहीं हो सकता. भारत, चीनी ऐप्स का बहिष्कार करना भी जानता है और उनके विकल्प तैयार करना भी.


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