'ब्लैक डे 5 अगस्त' नाम का एक यूट्यूब चैनल है। इसमें एक वीडियो में
"श्रीराम भ#वे की औलाद, 33 करोड़ देवी-देवताओं की माँ का भों#ड़ा" कह कर
गालियाँ बकी गई हैं। वीडियो में गालियाँ बहुत हैं और बहुत ही गंदी हैं।
इसलिए सिर्फ संदर्भ पता चलने के लिए कुछ ही लिख रहे (वो भी सांकेतिक) हैं।
यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर एक इस्लामी कट्टरपंथी महिला हीर खान
ने ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ
बकी गई हैं। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’
शब्द का प्रयोग किया है और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया। आईपीएस
अधिकारी संदीप मित्तल ने यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर
नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है।
हीर खान इस वीडियो में हिन्दुओं को ‘काफिर’ बताते हुए कहती है, “सीता
₹#डी थी, सीता %$ड़ मरवाती थी, सीता चु$% मरवाती थी, झाँ## के बाल नोच
लेंगे। अयोध्या तो एक ₹#डीखाना है। सीता को न जाने कितने मुल्लों ने चो$#
था। सीता इतना बुरा #$वाती थी कि रावण तक भी हार जाता था। रावण कहता था कि
मेरे ल$₹ में दर्द हो रहा है, तेरे %$त में कितना अंदर डालूँ। सीता की माँ
का भों$₹₹, श्रीराम की माँ की $%त।”
उक्त महिला यहीं नहीं रुकी बल्कि उसने और भी आगे बढ़ कर भगवान राम और माँ सीता के लिए अपशब्दों की बौछाड़ लगा दी।
उसने हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए कहा, “श्रीराम भ#वे की
औलाद, श्रीराम ₹#डी की औलाद, तुम्हारे 33 करोड़ देवी-देवताओं की माँ का
भों#ड़ा। तेरे गणपति की $%त में आग लगा देंगे। तुम सब मा$रचो# हो। तुम्हारी
मीडिया की माँ का भों#ड़ा।”
यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में जबरदस्त आक्रोश
का माहौल है। हीर खान ने अपनी बदजुबानी जारी रखते हुए आगे कहा,
“सेकुलरिज्म की माँ का भों#ड़ा, भाईचारा निभाने वालों की माँ का भों#ड़ा। साथ
में उनकी भी माँ का भों#ड़ा जो कहते हैं कि भगवानों को गाली मत दो। उनकी
भी माँ-बहनों को $#द डालेंगे। सीता, दुर्गा और काली – सबको कोठे पर बिठा कर
चु#$ डालेंगे।”
लखनऊ पुलिस कमिश्नर के ट्विटर हैंडल ने सूचना दी है कि उक्त मामले में
साइबर सेल को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दे दिया गया है। अपनी हर वीडियो
में ज़हर उगलने वाली हीर खान ने उस वीडियो में कहा है, “वो नाजायज थी और
मात्र 6 साल की थी, जब रावण ने उसका ख़ून निकाल दिया था। जितने भी सेक्युलर
पत्रकार हैं, तेरी माँ का भों#ड़ा। तुमलोग सोच रहे थे कि तुम इस्लाम को
गाली दोगे और हम सुनते रहेंगे?”
महिला ने लगातार माँ सीता और माँ दुर्गा के लिए अपशब्द कहे। साथ ही उसने
ये भी धमकी दी कि जिसे मन हो, वो जाकर एफआईआर करा दे। हीर खान के इस
यूट्यब चैनल पर कई वीडियो हैं। वो वहाँ जनवरी 2020 से वीडियो डाल रही है।
उसका कहना है कि उसका पुराना यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया है। कुछ वीडियो में
तो वो पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर के लिए भी अपने ‘प्यार’ का प्रदर्शन
करती रहती है।
चीन पर हमेशा से ही उइगुर मुस्लिमों पर दमन के आरोप लगते रहे हैं। वहीं, अब बीजिंग पर आरोप लगा है कि उसने जिनजियांग प्रांत के आतुश में एक मस्जिद की जगह पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया है। हाल ही में यहां स्थित मस्जिद को तोड़ दिया गया था। एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।
चीन में उइगुर मुस्लिमों पर अत्याचार और हमले की कार्रवाई को लेकर कुछ समीक्षकों का मानना है कि बीजिंग इस समुदाय को बिखरेना चाहता है और इसे कम्युनिष्ट पार्टी के एजेंडे के अनुसार रखना चाहता है। कई रिपोर्टों में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जिनजियांग प्रांत में उइगुर मुस्लिमों को डिटेंशन कैंपों में रखा जाता है। रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कुछ दिन पहले ही यहां दो से तीन मस्जिदों को तोड़ दिया था, इसमें से एक टोकुल मस्जिद थी, जिस पर अब सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया है।
दरअसल, चीन ने 2016 के उत्तरार्ध में 'मस्जिद सुधार' नामक एक अभियान की शुरुआत की थी, जिसके तहत मुस्लिम स्थलों को नष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। वर्तमान में मस्जिदों को तोड़कर शौचालय का निर्माण वाला निर्णय भी इसी का हिस्सा है।
आएफए ने कहा, इस कदम के पीछे की वजह उइगुर मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करना है। आएफए के साथ एक टेलीफोनिक साक्षात्कार में, आतुश के सनतघ गांव के एक उइगुर पड़ोस समिति के प्रमुख ने कहा कि हाल ही में टोकुल मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था और इस स्थान पर 'हान (चीनी) कामरेड' द्वारा एक सार्वजनिक शौचालय स्थापित किया गया।
उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा, यह एक सार्वजनिक शौचालय है, फिलहाल इसे खोला नहीं गया है, लेकिन इसका निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की कोई जरूरत नहीं थी, क्योंकि यहां रहने वाले लोगों के घरों में शौचालय है।
समिति के प्रमुख ने खुलासा किया, सार्वजनिक शौचालय का निर्माण इसलिए किया गया, ताकि ध्वस्त टोकुल मस्जिद के मलबे को छिपाया जा सके।
हिंदू पक्ष की ओर से दी गई शिकायत में उन्होंने मिन्नतुल्लाह खान उर्फ
बुच्ची, जोया, सद्दाम, इरफान, बुच्ची की पत्नी चुन्ना, कौशर, कौशर की पत्न,
उस्मान अली मंसूरी, सलमान, समीर, शाहरूख, राजा, अमन, अब्दुल्ला, सैम्यूल
मैसी व उनके अन्य साथियों के ख़िलाफ़ शिकायत करते हुए कड़ी कार्रवाई की
माँग की है।
राम मंदिर भूमि पूजन के बाद 5 अगस्त का दिन पूरे देश में दीपावली की तरह
मनाया गया। हर हिंदू ने इस बहुप्रतीक्षित अवसर पर अपने घर में दीया जलाकर
इस दिन की खुशियाँ मनाईं। लेकिन इस बीच कुछ क्षेत्र ऐसे भी रहे जहाँ
खुशियाँ मनाते-मनाते हिंसा भड़क गई। दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास मदनपुर
खादर इलाके की गली नंबर 4 में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
यहाँ 5 अगस्त के दिन एक आपसी झड़प की खबर मीडिया में सामने आई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार,
यह बच्चों की लड़ाई का मामला था। जो बाद में बड़ों के बीच विवाद का कारण
बन गया और देखते ही देखते वहाँ ईंट, लोहे की रॉड और तलवारें तक चल गईं। खबर
में यह भी बताया गया कि पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर
लिया है। इनका नाम गगन, मुकेश और दीपक है।
रिपोर्ट्स से यह भी सूचना मिली कि इस मामले को सुलझाने आए मिन्नतुल्लाह
खान को दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा तलवार से मारा गया, जिसके कारण वह बेहोश
हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में इस संबंध में
पुलिस को सूचना दी गई।
ऑपइंडिया के संज्ञान में जब यह मामला आया तो हमने पूरी घटना को जानने का
प्रयास किया। हमें इस बीच मिन्नतुल्लाह खान द्वारा कालिंदी कुंज थाने में
कराई गई एफआईआर की कॉपी मिली और साथ ही दूसरे पक्ष की शिकायत की प्रति भी
मिली।
दोनों पक्षों के अपने-अपने मत थे। लेकिन हैरानी इस बात की थी कि
मिन्नतुल्लाह खान की ओर से की गई एफआईआर पर त्वरित कार्रवाई हो चुकी थी।
जबकि दूसरा पक्ष अब भी अपनी एफआईआर के लिए जद्दोजहद कर रहा है और घटना के
एक हफ्ते बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं है।
हमने पूरा मामला समझते हुए दूसरे पक्ष से संपर्क किया और उस
परिवार से बात की जिनका झगड़ा 5 अगस्त के ही दिन अपने इलाके में रहने वाले
दूसरे समुदाय के कुछ लोगों से हुआ था।
परिवार के सदस्य जीतेंद्र ने हमें बताया, “5 अगस्त के दिन राम मंदिर
भूमिपूजन की खुशी के अवसर पर हमारे परिवार के बच्चे घर के बाहर दीया जलाकर
खुशियाँ मना रहे थे। तभी घर के पास रहने वाले मिन्नतुल्लाह खान उर्फ बुच्ची
की ओर से 3-4 लोग आए और बच्चों को धमका कर दीये में लात मार दी। ये सब देख
कर हमारे घर की औरतें बीच-बचाव करने पहुँची। लेकिन वह लोग उनसे ही उलझ गए।
तभी घर के दो पुरूष (मुकेश और गगन) भी वहाँ गए और उन 4-5 लोगों ने उन पर
भी हमला बोल दिया। जब पूरा मामला बढ़ गया तो यह लोग वहाँ से चले गए और कुछ
मिनट बाद 30-40 की संख्या के साथ वापस आए।”
जीतेंद्र के अनुसार, “भीड़ ने दोबारा आते ही बगल वाले घर से ईंट उठा कर
हमारे घर पर हमला बोल दिया और जो दीया बाहर रखा था उसे भी घर में फेंक कर
बाइक में आग लगाने की कोशिश की। जब हमने इस संबंध में पुलिस को संपर्क किया
तो पुलिस आई और मुकेश के साथ गगन को भी थाने में ले गई। जब सवाल किया गया
तो पता चला कि दूसरे ओर से शिकायत दर्ज हुई है।”
ऑपइंडिया ने यह जानने के बाद जीतेंद्र से पूछा कि आखिर किन कारणों से
मुकेश और गगन को गिरफ्तार किया गया? जिस पर जीतेंद्र ने हमें बताया,
“दरअसल, उस दिन जब वह लोग हमारी माँ बेटियों के साथ दुर्व्यव्हार कर रहे थे
तब मिन्नतुल्लाह खान नलके के हत्थे से हमारे घर की बेटी वर्षा को मारने जा
रहा था। लेकिन तभी वर्षा ने अपने सिर पर हाथ लगा लिया जिससे वह बच गई। मगर
गगन को यह सब देखकर गुस्सा आया और वह अपनी शादी की तलवार उठाकर ले आया।
उसने तलवार के उसके हैंडल से मिन्नतुल्लाह खान के सिर पर मार दिया।”
https://www.youtube.com/watch?v=PQVtziBMl1A
जीतेंद्र ने हमें इस पूरी घटना की वीडियो उपलब्ध करवाई। साथ ही यह भी
कहा कि दूसरे पक्ष ने पुलिस का ध्यान केवल तलवार वाली घटना पर गौर दिलवाकर
मुकेश-गगन को गिरफ्तार करवा दिया है। हमसे कोई बातचीत नहीं की। इनके अलावा
एक दीपक नाम का साथी भी जेल में डाल दिया गया। जिसकी कोई गलती भी नहीं थी।
वह घटनास्थल पर भी बाद में आया था। मगर, तब भी वह मुकेश और गगन के साथ
तिहाड़ में डाल दिया गया।
जीतेंद्र के अनुसार, मिन्नतुल्लाह खान आम आदमी पार्टी नेता व इलाके के
विधायक अमानतुल्लाह खान का खास है। जिसके ऊपर पहले से कई आपराधिक केस दर्ज
हैं। लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उनके मुताबिक पुलिस से पूछने
पर पुलिस उनसे कहती है कि दूसरे पक्ष की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज है
इसलिए कार्रवाई चल रही है।
बता दें कि जब ऑपइंडिया ने हिन्दू परिवार से बात की तब तक उनकी FIR दर्ज
नहीं हुई थी। हालाँकि, आज मालूम चला कि घटना के 6 दिन बाद यानी कल उनकी
शिकायत पर FIR हो गई है।
ऑपइंडिया को बताया गया कि काफी जद्दोजहद के बाद हमारी शिकायत को पुलिस
ने 11 अगस्त 2020 को अंततः FIR के रूप में दर्ज किया। हिन्दुओं की तरफ से
दर्ज कराई गई FIR की प्रति यहाँ संलग्न है। अब इस पर आगे जो भी कार्रवाई
होती है वो आने वाले समय में ही पता लगेगा।
घर की महिलाओं का क्या कहना है?
गगन की पत्नी बबीता बताती हैं कि 5 अगस्त के दिन उनके घर के बच्चे दीया
जलाकर खुशियाँ मना रहे थे। तभी वह लोग बाहर लड्डू लेने गए। लेकिन मुसलमानों
के बच्चों ने उनसे कहा कि राम-राम मत बोलो अल्लाह-अल्लाह बोलो। बबीता के
मुताबिक, “हमारे बच्चों ने अल्लाह-अल्लाह बोलने से मना कर दिया जिसके कारण
वह बच्चे मारपीट करने लगे। हमारे बच्चों ने हमसे शिकायत की। लेकिन तब तक
पीछे से वह लोग आ गए और मारपीट करने लगे। इस बीच हमारी भांजी पर हमला कर
दिया गया। हम उसे बचाने भी गए, पर तब भी मारपीट होती रही। वह लोग हमारे घर
पर पत्थर बरसा कर गए।”
बबीता के अनुसार, दूसरे पक्ष की भीड़ ने इस दौरान उनका हाथ पकड़ा और
उनकी छाती में हाथ भी डाला। उनसे कहा गया कि वह सब मिलकर उनकी जिंदगी
बर्बाद कर देंगे और कोई कुछ कर भी नहीं पाएगा।
बबीता के बाद दीपक की माताजी ने इस पूरे मामले के लिए मिन्नतुल्लाह खान
को जिम्मेदार ठहराया। वहीं भांजी वर्षा भी बताती हैं कि उस दिन उनके भाइयों
के साथ जब बदसलूकी हुई तो वह बाहर गईं। लेकिन उन लोगों ने उनके प्राइवेट
पार्ट्स पर हाथ मारे और मुँह पर भी मारा।
वे कहती हैं कि उनकी बस यही माँग है कि उनके मामले में मिन्नतुल्लाह खान
के ख़िलाफ़ जल्द से जल्द कार्रवाई हो और आने वाले समय में यदि कोई उनके
छोटे भाई-बहनों को कुछ भी करे तो उसके जिम्मेदार भी उन्हें ही माना जाए।
सुदर्शन वाहिनी संगठन के दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष सागर मलिक
सुदर्शन वाहिनी संगठन के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सागर मलिक भी इस
मुद्दे पर इस समय पुलिस से कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि
यह सब साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के लिहाज से हुआ है। हिंदू पक्ष ने जो
कुछ भी किया वो अपनी बहन-बेटियों की रक्षा में किया। गगन ने जो बिन धार
वाली तलवार को मिन्नतुल्लाह खान के सिर पर मारा वह भी बचाव में ही था।
इसलिए उनके हिसाब से इस मामले में दोनों हिसाब से केस दर्ज होना चाहिए
था। लेकिन तब भी एक ही पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई हुई और गगन के अलावा
मुकेश व दीपक भी थाने में बुला कर जेल में डाल दिए गए।
सागर कहते हैं कि इस मामले में राजनीतिक दबाव के कारण हिंदू पक्ष की
शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही और उन्हीं के लोगों को जेल में डाला गया
है।
पुलिस से संपर्क
सुदर्शन वाहिनी संगठन के दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष सागर मलिक
सुदर्शन वाहिनी संगठन के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सागर मलिक भी इस
मुद्दे पर इस समय पुलिस से कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि
यह सब साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के लिहाज से हुआ है। हिंदू पक्ष ने जो
कुछ भी किया वो अपनी बहन-बेटियों की रक्षा में किया। गगन ने जो बिन धार
वाली तलवार को मिन्नतुल्लाह खान के सिर पर मारा वह भी बचाव में ही था।
इसलिए उनके हिसाब से इस मामले में दोनों हिसाब से केस दर्ज होना चाहिए
था। लेकिन तब भी एक ही पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई हुई और गगन के अलावा
मुकेश व दीपक भी थाने में बुला कर जेल में डाल दिए गए।
सागर कहते हैं कि इस मामले में राजनीतिक दबाव के कारण हिंदू पक्ष की
शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही और उन्हीं के लोगों को जेल में डाला गया
है।
पुलिस से संपर्क
लेकिन, तभी मुकेश ने नल के हत्थे से उनपर वार कर दिया और खुद को बचाने
में उनके बाएँ हाथ में चोट आ गई। इसके बाद गगन भी घर से तलवार ले आया और
जान से मारने के इरादे से हमला किया। फिर दीपक और सुशील समेत कई लोग आ गए
और उन पर ईंट पत्थरों से वार करने लगे।
इसके बाद ईंट लगने से वह घटनास्थल पर बेहोश हो गए जब होश आया तो वह
अपोलो में थे। उन्होंने अपनी एफआईआर में यह माँग की है कि उनके बच्चों पर
जानलेवा हमला करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
बता दें, इस संबंध में पुलिस ने मिन्नतुल्लाह खान की ओर से दूसरे पक्ष पर धारा 307 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।
हिंदू पक्ष की शिकायत में किन लोगों का नाम है?
हिंदू पक्ष की ओर से दी गई शिकायत में उन्होंने मिन्नतुल्लाह खान उर्फ
बुच्ची, जोया, सद्दाम, इरफान, बुच्ची की पत्नी चुन्ना, कौशर, कौशर की पत्न,
उस्मान अली मंसूरी, सलमान, समीर, शाहरूख, राजा, अमन, अब्दुल्ला, सैम्यूल
मैसी व उनके अन्य साथियों के ख़िलाफ़ शिकायत करते हुए कड़ी कार्रवाई की
माँग की है।
इनकी शिकायत में आरोप है कि इनके साथ मारपीट, पथराव, घर की महिलाओं के
साथ बदसलूकी के अलावा इनके घर के दीये को उठाकर फेंका गया और बाइक में आग
लगाने की कोशिश हुई।
शिकायत में यह भी स्पष्ट लिखा है कि इतनी भीड़ के बीच में उन्होंने खुद
को असहाय देखा और जब उनके घर की महिलाओं व छोटी बच्चियों के साथ छेड़छाड़
हुई तो एक साथ उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस बीच उन लोगों को भी चोट आई
और ये लोग भी घायल हुए।
परिवार ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कि दूसरे पक्ष के लोग
आपराधिक प्रवृति के हैं। उनके ख़िलाफ़ बहुत से मामले दर्ज हैं। ये लोग
फेसबुक पर भी बंदूक के साथ फोटो डालते हैं। अगर आने वाले समय में कोई भी
अप्रिय घटना घटित हुई तो उसके लिए ये लोग जिम्मेदार होंगे।
"मैं नरेन्द्र दामोदर दास मोदी नाम वाला यजमान अपने राष्ट्र का प्रतिनिधि,
समस्त चर अचर जीवों का, भारत के वासियों का, विश्व के समस्त प्राणियों का,
सकल अशुभ एवं दुःखों के नाश के लिए सभी की सुख शान्ति एवं कल्याण के लिए
अनन्त ब्रह्माण्ड के नायक भगवान् श्रीसीताराम..."
अयोध्या में राम मंदिर के लिए हुए भूमिपूजन में बोलते हुए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए जो भी कहा, वो पूरे
मीडिया है। लेकिन, साथ ही उन्होंने पूजा से पहले जो संकल्प लिया, उसे भी
आपको जानने की जरूरत है। यजमान के रूप में बैठे भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन के दौरान लिए गए संकल्प के
रूप में क्या कुछ कहा, वो नीचे उनके ही शब्दों में पढ़ें:
“आज …….. गोत्र में उत्पन्न मैं नरेन्द्र दामोदर दास मोदी नाम
वाला यजमान अपने राष्ट्र का प्रतिनिधि, समस्त चर अचर जीवों का, भारत के
वासियों का, विश्व के समस्त प्राणियों का, सकल अशुभ एवं दुःखों के नाश के
लिए सभी की सुख शान्ति एवं कल्याण के लिए अनन्त ब्रह्माण्ड के नायक भगवान्
श्रीसीताराम का अनुग्रह प्राप्त करने के लिए, बनाए जाने वाले इस नूतन
मन्दिर की आधार शिला का पूजन सभी के साथ करूँगा। इसी पूजन के अन्तर्गत
गणपति का स्मरण करते हुए भूमि आदि पूजन को यथा क्रम मैं करूँगा।”
अयोध्या राम मंदिर पूजन एवं संकल्प के बाद पुरोहित ने पीएम मोदी से
‘दक्षिणा’ की माँग करते हुए कहा कि किसी भी यज्ञ में दक्षिणा महत्वपूर्ण
होती है। उन्होंने कहा कि दक्षिणा तो आज इतनी दे दी गई कि आज सैकड़ों करोड़
आशीर्वाद प्राप्त हो रहे हैं। भारत तो हमारा ही है, उससे ऊपर और कुछ दें। उन्होंने कहा, “कुछ समस्याएँ हैं, उन समस्याओं को दूर करने का संकल्प तो लिए हुए हैं, 5 अगस्त में कुछ और जुड़ जाए तो भगवान की कृपा होगी।”
वहीं अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है,
जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, को उन सबको नमन करते
हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर
घुल-मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि आप भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए,
इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम
आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं।
चैनल ने सीएम योगी से सवाल किया था, "विरोधी कह रहे हैं कि आपने सभी धर्मों
के लोगों को राम मंदिर के भूमि पूजन में बुलाया और सब आए। लेकिन आने वालों
दिनों में जब अयोध्या में मस्जिद का निर्माण शुरू होगा, तो कहा जा रहा है
कि कि सीएम योगी वहाँ नहीं जाएँगे।"
मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्म स्थली पर भव्य मंदिर निर्माण
के लिए भूमि पूजन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश दुनिया के करोड़ों
रामभक्तों के सपने को साकार कर दिया। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
ने विधि विधान के साथ मंदिर की नींव रखी।
इस दौरान पीएम मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मौजूद रहे। भूमि पूजन के कार्यक्रम के बाद सभी अथितियों को संबोधित करते
सीएम योगी ने कहा कि पाँच सदी के बाद आज 135 करोड़ भारतवासियों का संकल्प
पूरा हो रहा है।
राम मंदिर भूमि पूजन से इतर योगी आदित्यनाथ ने न्यूज चैनल आज तक
के साथ खास बातचीत में मस्जिद के शिलान्यास पर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने साफ कर दिया कि वो मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम का हिस्सा नहीं
होंगे।
बता दें कि मीडिया चैनल ने सीएम योगी से सवाल किया था, “विरोधी कह रहे
हैं कि आपने सभी धर्मों के लोगों को राम मंदिर के भूमि पूजन में बुलाया और
सब आए। लेकिन आने वालों दिनों में जब अयोध्या में मस्जिद का निर्माण शुरू
होगा, तो कहा जा रहा है कि कि सीएम योगी वहाँ नहीं जाएँगे।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका जवाब देते हुए कहा, “मेरा
जो काम है वो काम मैं करूँगा। मैं अपने कार्य को हमेशा कर्तव्य और धर्म
मानकर चलता हूँ। मैं जानता हूँ कि मुझे कोई बुलाएगा नहीं इसलिए मैं जाऊँगा
भी नहीं।”
उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं के शामिल नहीं होने पर
भी कहा कि हर समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में आना चाहते थे, लेकिन कोरोना
के कारण कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सिर्फ कॉन्ग्रेस
की बात नहीं है, भाजपा के भी कई बड़े नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हो
पाए।
इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूझबूझ और प्रयासों के कारण आज संकल्प पूरा
हो रहा है। हमने तीन साल पहले अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम शुरू किया
था, आज उसकी सिद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पहले
रामायण सर्किट का काम शुरू किया गया, साथ ही अयोध्या में विकास कार्य हो
रहा है।
सीएम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और उसकी न्यायपालिका की शक्ति ने दुनिया
को दिखा दिया है कि शांति से लोकतांत्रिक और संवैधानिक रूप से सुलझाए जाने
वाले मामले कैसे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि 9 नवंबर 2019 को उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में
पूरी 2.77 एकड़ विवादित भूमि राम लला को दी। इसके साथ ही केन्द्र और उत्तर
प्रदेश प्रदेश सरकार को मस्जिद के निर्माण के लिए किसी प्रमुख स्थान पर
पाँच एकड़ जमीन मुसलमानों के देने का भी निर्देश दिया।
यूपी सरकार ने 5 फरवरी को ही अयोध्या जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर की
दूरी पर ग्राम धन्नीपुर तहसील सोहावल में थाना रौनाही से लगभग 200 मीटर
पीछे 5 एकड़ जमीन मस्जिद के लिए आवंटित की थी। यहीं पर मस्जिद का निर्माण
होना है।
अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने आश्वासन दिया है कि श्री राम जन्मभूमि
मंदिर भव्यता और दिव्यता की अद्वितीय कृति के रूप में विश्व पटल पर उभरेगा।
ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा। अयोध्या का भव्य, दिव्य और अलौकिक
राम मंदिर कैसा होगा, इसे आप 8 आधिकारिक तस्वीरों के माध्यम से समझ सकते
हैं जिसे ट्रस्ट द्वारा जारी किया गया है।
अयोध्या का भव्य, दिव्य और अलौकिक राम मंदिर कैसा होगा, इसे आप 8 आधिकारिक
तस्वीरों के माध्यम से समझ सकते हैं जिसे ट्रस्ट द्वारा जारी किया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन तस्वीरों को आधिकारिक रूप से
जारी करते हुए कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर विश्व में भारतीय
स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण होगा। इसके आंतरिक और बाह्य स्वरूप के कुछ और
चित्र यहाँ देखें:
अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने आश्वासन दिया है
कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर भव्यता और दिव्यता की अद्वितीय कृति के रूप
में विश्व पटल पर उभरेगा। बता दें कि ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर
होगा। 5 अगस्त को अयोध्या
में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमिपूजन के साथ ही इसके निर्माण की
औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। ऊपर की तस्वीरों में आप इस मॉडल को बारीकी से
देख सकते हैं।
सीएम योगी ने कहा है कि इस पावन घड़ी की प्रतीक्षा करते हुए पीढ़ियाँ
ख़त्म हो गईं। राम के नाम में आस्था रखने वालों ने 5 शताब्दी तक इस अवसर की
प्रतीक्षा की। तमाम कठिनाइयों के बावजूद राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष
करने वालों ने हार नहीं मानी। उसका ही परिणाम है कि राम मंदिर बहुत जल्द
आकार लेने वाला है। करोड़ों लोगों की आस्था का सबसे प्रबल प्रतीक उनके
सामने होगा।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम का एक वनवास सदियों पहले ख़त्म हुआ
था और दूसरा अब ख़त्म हुआ है। इसके बाद वह अपनी जन्मभूमि स्थित सिंहासन पर
विराजमान होंगे। इस पूरे अभियान और संघर्ष में कुछ नाम ऐसे थे जिनके उल्लेख के बिना पूरा
विषय अधूरा है। 1989 में जब राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतीकात्मक तौर पर
भूमि पूजन हुआ। तब पहला फावड़ा किसी और ने नहीं बल्कि खुद महंत श्री
अवेद्यनाथ ने चलाया था।
कॉन्ग्रेस ने केरल में मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया है। कॉन्ग्रेस
अध्यक्ष के रोड शो में वायनाड में बड़ी संख्या में मुस्लिम लीग (IUML) के
झंडे देखे गए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए थे, जहाँ आईयूएमएल के
झंडे लहराते हुए देखे गए थे।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने राम मंदिर के पक्ष में कई
कॉन्ग्रेस नेताओं के बयानों के बारे में जानने के बाद बुधवार (अगस्त 5,
2020) को अपने शीर्ष अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। बता दें कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग केरल में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले UDF का दूसरा सबसे बड़ा घटक है।
पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी सहित कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेताओं ने समारोह के पक्ष में बयान जारी किए हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने घर पर हनुमान चालीसा का आयोजन किया। प्रियंका गाँधी ने अपने बयान में कहा कि कार्यक्रम भगवान राम के आशीर्वाद से हो रहा है। उन्होंने आगे कहा,
“भगवान राम की कृपा से यह कार्यक्रम उनके संदेश को प्रसारित करने वाला
राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बने।”
कॉन्ग्रेस नेताओं के इस तरह के बयान से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के
नेताओं के बीच असंतोष पैदा हो गया है। वरिष्ठ सांसद पीके कुन्हालीकुट्टी और
पार्टी सुप्रीमो पणक्कड़ हैदराली शिहाब थंगल उन नेताओं में शामिल हैं जो
आपात बैठक में भाग लेने जा रहे हैं। बुधवार को अयोध्या में भूमि पूजन के
समापन तक बैठक का परिणाम सामने आ जाएगा।
केरल में कॉन्ग्रेस और IUML का गठबंधन
कॉन्ग्रेस ने केरल में मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन
किया है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के रोड शो में वायनाड में बड़ी संख्या में
मुस्लिम लीग (IUML) के झंडे देखे गए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए
थे, जहाँ आईयूएमएल के झंडे लहराते हुए देखे गए थे। कॉन्ग्रेस पार्टी इंडियन
यूनियन मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन में है, जो जमात-ए-इस्लामी और सोशल
डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के साथ गठबंधन में है। बता दें कि इन दोनों ही पार्टी पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने केरल में कट्टरपंथ फैलाने का आरोप लगाया है।
राहुल गाँधी जब अपना नामांकन दाखिल करने के लिए वायनाड गए थे तो इस
दौरान IUML के सदस्यों ने नरेंद्र मोदी को गाली देते हुए रैलियाँ निकालीं
थी। वायनाड यात्रा के दौरान IUML के सदस्यों को “S*ala K*tta नरेंद्र मोदी”
चिल्लाते हुए सुना गया।
IUML की पृष्ठभूमि
बता दें कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), जो 1948 में भारतीय
स्वतंत्रता के बाद अस्तित्व में आने का दावा करती है, वह वास्तव में
पाकिस्तान के संस्थापक और इस्लामवादी मोहम्मद अली जिन्ना की ऑल इंडिया
मुस्लिम लीग (AIML) की एक उपशाखा है।
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग को पाकिस्तान में मुस्लिम लीग और भारत में इंडियन
यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा सफल बनाया गया था। अपनी वेबसाइट में, इंडियन
यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का दावा है कि
इसका आदर्श वाक्य धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव है, मगर अक्सर
इन्हें अपने आदर्श वाक्य के विपरीत काम करते हुए देखा गया है। मुस्लिम लीग
ने मुस्लिम बहुल राष्ट्र-राज्य की स्थापना की पुरजोर वकालत की थी।