पेड़ में बाँधकर मारते, कहते थे धर्म बदलो-मुसलमान बनो: सिख निधान सिंह ने बताया अफगानिस्तान में क्या-क्या झेला

"मुझे गुरुद्वारे से अपहरण कर लिया गया था और 20 घंटे बाद मैं खून से लथपथ था। मैं एक पेड़ से बँधा हुआ था। वे मुझे मारते थे और मुस्लिम बनने के लिए दवाब डालते थे। मैंने उनसे बार-बार कहा कि मुझे धर्म क्यों बदलना चाहिए, मेरा अपना धर्म है।"


अफगानिस्तान से 11 सिख रविवार (जुलाई 27, 2020) को भारत आए। इनमें तालिबानियों से बचाई गई नाबालिग और गुरुद्वारा से अगवा किए गए निधान सिंह भी शामिल हैं। उ

भारत पहुँचने के बाद भावुक होते हुए निधान सिंह सचदेवा ने कहा, “मुझे नहीं पता हिंदुस्तान को क्या कहना है, मेरी माँ या पिता मगर हिंदुस्तान तो हिंदुस्तान है। हिंदुस्तान में कोई कमी नहीं है। आतंकी मुझे कहते थे कि मुसलमान बनो, मैं कहता था “वाहेगुरू जी दा खालसा वाहेगुरु जी दी फतेह मैं अपना धर्म क्यों बदलूँ।”

उन्होंने तालिबानी आतंकियों द्वारा अगवा करने की घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें रोज मारा जाता था, पेड़ में बाँधकर रखा जाता था और इस्लाम अपनाने के लिए कहा जाता था।

निधान सिंह ने अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाते हुए कहा, “मुझे गुरुद्वारे से अपहरण कर लिया गया था और 20 घंटे बाद मैं खून से लथपथ था। मैं एक पेड़ से बँधा हुआ था। वे मुझे मारते थे और मुस्लिम बनने के लिए दवाब डालते थे। मैंने उनसे बार-बार कहा कि मुझे धर्म क्यों बदलना चाहिए, मेरा अपना धर्म है।”

निधान सिंह ने अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाते हुए कहा, “मुझे गुरुद्वारे से अपहरण कर लिया गया था और 20 घंटे बाद मैं खून से लथपथ था। मैं एक पेड़ से बँधा हुआ था। वे मुझे मारते थे और मुस्लिम बनने के लिए दवाब डालते थे। मैंने उनसे बार-बार कहा कि मुझे धर्म क्यों बदलना चाहिए, मेरा अपना धर्म है।”

निदान सिंह के साथ एक 16 साल की नाबालिग युवती सुनमित कौर भी भारत आई है। उसका अपहरण कर जबरन मुस्लिम बनाकर निकाह करवाया जा रहा था। ये सभी अभी शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत आए हैं।

अफगानिस्तान में सिख काफी लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर हैं। उन्हें भारत को चोट पहुँचाने के लिए निशाना बनाया जाता है। काबुल के गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले में 27 सिखों की मौत हो गई थी। भारत ने घटना की निंदा की थी और स्थिति पर गंभीर चिंता जताई थी।

अफगान सिख समुदाय के नेताओं ने भारत सरकार से अपील की है कि वो अफगानिस्तान में सिखों और हिन्दुओं की रक्षा करें और उन्हें दीर्घकालिक लम्बे समय तक भारत में रहने की अनुमति उपलब्ध करवाए। जिसके बाद भारत सरकार ने अफगानिस्तान के 700 सताए सिखों को जल्द ही देश लाने और आश्रय देने का फैसला किया है।


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